रघुवंशी समाज

लेखक -श्री रामकुमार रघुवंशी ,सिलवानी

1-रघुवंशी समाज
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रघुवंशी मूलतः सूर्यवंशी क्षत्रिय है।जो सूर्यवंशी , इक्ष्वाकुवंशी , ककुत्स्थवंशी , रघुवंशी नाम से जाने जाते है। रघुवंशी राजपूत श्रेणी मे आते है।
निवास- रघुवंशी वैदिक काल (प्रारम्भ) से कौसल जनपद (अयोध्या व अयोध्या के आस पास के क्षेत्र) मे रहते आये है। वर्तमान मे मध्यप्रदेश के गुना शिवपुरी दतिया अशोक नगर विदिशा सागर रायसेन भोपाल सीहोर शाजापुर सुजालपुर इंदौर उज्जैन बैतुल धार होशंगाबाद नरसिंहपुर जबलपुर कटनी छिंदवाड़ा सतना उमरिया आदि जिलो मे रहते है।
उत्तरप्रदेश मे वाराणसी जौनपुर डोभी जिलो मे तथा बिहार के कुछ जिलो मे रहते है।
महाराष्ट्र मे नागपुर क्षेत्र, मुम्बई व मुम्बई के आसपास के जिलो मे , नंदूरवार जिले, नासिक व नासिक के आसपास ब कुछ मराठबाड़ा क्षेत्र मे रहते है।
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अन्य रघुवंशी
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1.जाट रघुवंशी – जाट रघुवंशी उत्तरप्रदेश मे आगरा से अछेनर तक मथुरा के पास लगभग 200 गाँव मे रहते है।ये अपना सरनेम रघुवंशी या जाट लिखते है।
2. -रैगर रघुवंशी – ये राजस्थान में रहते है। रघुवंशी रक्षक पत्रिका निकालते है। य अपना सरनेम रैगर, मौर्य आदि लिखते है।इन्हें राजस्थान मे दलित माना जाता है। ये म.प्र. के रघुवंशियो से अलग है।
3.-राघवी रघुवंशी-ये महाराष्ट्र मे रहते है।ये अपना सरनेम भजन कुरमुरे नकुरे पाटील महाजन आदि लिखते है।ये मप्र यूपी के रघुवंशियो से अलग माने जाते है।
4.लौहाना रघुवंशी -ये गुजरात मे रहते है।इनके लगभग 250 सरनेम है इनके सरनेम ठक्कर टंडन आदि है। ये उप्र, मप्र के रघुवंशियो से अलग है। इन्हे राजपूत नही माना है।
5.राजपूत रघुवंशी- प्रतिहार बडगुजर सिकरवार मुढ़ाड आदि राजपूत राघव रघुवंशी कहलाते है। ये राजस्थान गुजरात हरियाणा मे रहते है।उत्तराखण्ड मे भी राजपूत रघुवंशी है ये अपना सरनेम रावत धोनी पंत आदि लिखते है।
5.-राठौर रघुवंशी- मप्र के झाबुआ जिले मे रहते है। झाबुआ मे राठौर रघुवंशी राजवंश का गोपाल मंदिर बहुत प्रसिद्ध है।

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